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कोरोना काल:कैसे एक आपत्ति बना हमारे लिए अवसर

कोरोना काल : जब भी कोई समस्या है एक भयानक रूप  ले लेती है, तो वह  जीवन के हर पहलू पर प्रभावी हो जाती है ठीक ऐसे ही हाल में पूरा देश है समस्या से जूझ रहा है,वह है कोरोना संकट!

कोरोना क्या है?

कोरोना एक ऐसा महा संकट है जिसने संसार के एक कोने से जन्म लेकर धीरे-धीरे हर जगह अपना पांव पसार दिया| कोरोना बीमारी जो की चीन के वुहान शहर में दिसंबर महीना से संक्रमण फैलाते-फैलाते मार्च तक कितने देशों को संक्रमित कर चुका है और दिन प्रतिदिन विस्तार रूप लेता चला गया | यह बीमारी कोरोना वायरस से विस्तृत हुआ जो कि लोगों की आपस में मिलने जुलने से फैलता है| संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह बीमारी आसानी से फैलती है| कोरोना  नामक जीवाणु से होने वाली इस बीमारी को “कोविड-19” का नाम दिया गया|

कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए लोगों का जीवन

कोरोना काल में प्रभावित जन जीवन

जब यह वायरस भारत में कर्नाटक में एक व्यक्ति में पाया गया तभी से लोगों ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया, लेकिन किसे मालूम था कि यह इतना भयानक रूप भी ले सकता है| क्योंकि इस बीमारी का मुख्य कारण ही था भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से बचना, लोगों से कम संपर्क में आना ताकि इस जीवाणु के संक्रमण की कड़ी को तोड़ा जा सके| क्योंकि इस बीमारी के शुरुआती दिनों में ही हमारी सरकार ने ठोस कदम उठा लिए थे जो था कि लॉकडाउन- संपूर्ण देश में तालाबंदी| देश का कोना कोना बंद कर दिया गया ।

यहां तक कि भारतीय रेल को भी बंद कर दिया गया जो कि प्रथम ही समय ऐसा था कि ट्रेनों की आवाजाही भी बंद कर दी गई हो| यह सदी का सबसे कठिन काम था क्योकि भारतीय रेल विश्वयुद्ध में भी बंद नहीं की गई थी|दिन प्रतिदिन बढ़ते हुए संख्या, जो कि एक चिंताजनक विषय बन गया लोगों ने पलायन करना भी शुरू कर दिया जिससे कि यह बीमारी और बढ़ती चली गई| लोगों का जीवन इतना प्रभावित हुआ कि उनकी मानसिकता पर भी असर होने लगा|

लोगों का इस बीमारी से डर उतना ही भयावह होने लगा कि लोग अपने गांव/ कस्बे जाने लगे कितनों ने हजारों किलोमीटर तक का पैदल सफर  तय किया| हर कोई अपने हिसाब से अपने आप को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाते चला गया लेकिन यह वही वह समय था जब लोगों को यह समझने की जरूरत थी कि एक जगह से भागकर कहीं और जाने से इस बीमारी को खत्म नहीं किया जा सकता बल्कि इसके निर्देशों का पालन करने से इसके रोकथाम में असर पड़ सकता है|

लोगों को अपने इम्यून सिस्टम  को मजबूत करना पड़ेगा ताकि इस बीमारी से लड़ा जा सके| और साथ ही हमें अपने मनोबल को भी उतना ही मजबूत करना पड़ेगा ताकि हम इस बीमारी को मानसिक रूप से भी लड़ सके|कैसे एक आपदा बना लोगों के लिए अवसर.

इस बीमारी ने लोगों के सिर्फ जीवन को ही नहीं बल्कि रोजी रोटी के लिए कमाने पर भी रोक बंदी लगा दी | इस बीमारी ने हर क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया चाहे वह कार्यस्थल हो, स्कूल हो, कॉलेज, जिम , या मॉल आदि| लेकिन यह बात भी माननीय है कि जब कोई आपदा आती है तो उसका तोड़ भी उसी के साथ ही होता है| कोरोना वायरस ने सब का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया लेकिन फिर भी लोगों ने इसके साथ ही जीने की ठान ली और हमारी सरकार और अन्य लोगों ने बहुत सारे अलग-अलग उपाय भी निकालें|

जैसे कि स्कूल के बंद होने से विद्यार्थियों के पढ़ाई पर पड़ रहे प्रभावों को रोकने के लिए ऑनलाइन क्लासेस की शुरुआत कर दी गई , जिससे कि हम और आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रहे हैं| क्योंकि अगर देखा जाएगा तो  सामान्य स्थिति में ऑनलाइन क्लास के लिए तो कभी सोचा ही नहीं  जा सकता था  इसलिए इसको एक सकारात्मक तरीके  से भी जोड़ा जा सकता है| कार्यालयों के बंद होने की वजह से लोगों ने अपना  काम घर से ही करना शुरू कर दिया|

कोरोना वारियर्स जिनकी वजह से हम कोरोना काल सुरक्षित घर पर बैठे हैं

कोरोना वारियर्स

जब यह देश महा संकट से जूझ रहा और हम अपने घर में बंद रहे तब जो लोग आए दिन हमारी सेवा हमें सुरक्षित रखने में लगे रहे उनको हम कैसे भूल सकते हैं|वही हम डॉक्टरों के योगदान को कैसे भूल सकते हैं जिन्होंने रात दिन  लोगों को बचाने का अपना पूरा प्रयत्न किया है|

हमारे पुलिसकर्मी, ट्रैफिक पुलिस ,सफाई कर्मी और सबसे महत्वपूर्ण हमारे देश के किसान जिनकी वजह से इस भयानक स्थिति में भी हम सभी अन्य के भोगी रहें|

संकट के आने से घबराना नहीं चाहिए बल्कि उसको सामना कर अपने आप को मजबूत बनाकर जीवन को सामान्य करने की कोशिश करनी होगी| यह संकट बहुत जल्दी दूर होगा यही कामना है |मनोबल को मजबूत बनाकर रखें और सकारात्मक सोचें|

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