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अगर मुफ्त बिजली पानी देने के लिए दिल्ली सरकार के पास पैसा है तो अस्पतालों में बेड मुहैया कराने में दिल्ली कैसे पिछड़ गई?

दिल्ली के अस्पतालों में यदि अन्य प्रदेशों से आए हुए कोरोना मरीजों को इलाज की सुविधा दी गई तो सारे बेड तीन दिन में ही भर जाएंगे।

-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान

2019 के लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। जिसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने एक भाषण में कहा था कि दिल्ली के सभी नागरिकों को बेहतर औऱ मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देना ही हमारा सपना है।

माफ कीजिएगा उस वक्त आप यह बताना भूल गई कि दिल्ली के सभी नागरिकों से उसका तात्पर्य था कि वह दिल्लीवासी जो दिल्ली में ही जन्मे है। क्योंकि जो लोग दिल्ली में काम की तलाश में आए थे और यही बस गए। आप पार्टी की घोषणाओं और मेनिफेस्टो में उन लोगों के विकास की बात नही लिखी गई है, क्योंकि वह तो उन्हें अभी भी अन्य प्रदेशों का ही मानती है।

बेड के अभाव में लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन?

Hospital beds
कोरोना वायरस से जूझता मरीज

इसी कारण कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौर में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अन्य प्रदेशों के कोरोना मरीजों को इलाज की सुविधा देने से मना कर दिया था। हालांकि दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री की इस बात को खारिज कर दिया है। लेकिन कहते है ना कि अब पछतात होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत। ऐसे में इलाज के अभाव में जो लोग अपनी जिन्दगी से हाथ धो बैठे, क्या उनके लिए अरविंद केजरीवाल के पास कोई मुफ्त योजना है। जिसका लाभ उठाकर वह अपने प्रियजनों को वापस ले आए।

मुख्यमंत्री की एक समान शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली-पानी देने की बात का क्या हुआ?

kejriwal speech
केजरीवाल दिल्ली मै चुनावी भाषण देते हुए

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने चुनावी संबोधन के दौरान कहा था कि हमने ऐसे-ऐसे काम किए जो दुनियाभर में किसी ने नहीं किए। दिल्ली में हमारी सरकार ने 3 लाख सीसीटीवी लगवाए। वहीं दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कुल 22 हजार कमरे बने, जितने अन्य किसी राज्य के सरकारी स्कूलों में नहीं बने। साथ ही दिल्ली में लोगों को सबसे सस्ती और 24 घंटे बिजली की सुविधा दी जा रही है।

इतना ही नहीं किसी भी दुर्घटना की स्थिति में मुफ्त इलाज की व्यवस्था भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री की मानें तो दिल्ली के मोहल्लों में एक किलोमीटर के दायरे में इतने मोहल्ला क्लीनिक खुलेंगे, जितने पूरे देश में प्राथमिक केंद्र नही है। लेकिन आलम देखिए आज कोरोना काल में दिल्ली की चिकित्सा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

वहीं बात करें चुनावों में बैनर, पोस्टर, लाउडस्पीकर, झंडे, टोपी, होर्डिंग्स पर पैसा खर्च करने की तो आप पार्टी ने अकेले फेसबुक पर अपने प्रचार के लिए 47,78,203 रूपए खर्च कर दिए है। आपको जानकर हैरानी होगी कि आप पार्टी प्रचार प्रसार करने में बीजेपी और कांग्रेस से भी ज्यादा खर्च करती रही है। दिल्ली के अस्पतालों की बात करें तो केजरीवाल ने कोरोना काल में राजधानी के अस्पतालों में 3829 बेड की उपलब्धता बताई थी।

चिकित्सा व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को घेरा

दिल्ली Highcourt
दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका के अंतर्गत पाया गया कि दिल्ली में अस्पताल अन्य प्रदेशों के कोरोना सक्रंमितों को भर्ती करने से मना कर रहे है। जिस पर हाईकोर्ट ने केजरीवाल से जवाब मांगा है। जिसके बाद केजरीवाल ने स्पष्टीकरण दिया कि विशेषज्ञों की राय के बाद यह फैसला लिया गया था। वहीं याचिका में यह भी कहा गया कि सरकारी अस्पताल केवल कोरोना सक्रमितों को भर्ती कर रहे हैं। ऐसे में अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए निजी अस्पताल का खर्च उठाना मुश्किल है। साथ ही पीपीई किट के नाम पर अधिक वसूली का भी आरोप लगाया है। जिस पर हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी की फटकार लगाई है।

उप राज्यपाल के बयान के बाद केजरीवाल ने पलटी बात

दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल के बेड की सुविधा दिल्ली वालों के लिए है, को खारिज करते हुए कहा है कि कोई भी अस्पताल इस आधार पर भर्ती करने से मना नहीं कर सकते कि मरीज दिल्ली का निवासी नहीं है। जिसपर केजरीवाल ने कहा कि यह एक चुनौती भरा काम है लेकिन शायद भगवान की यही मर्जी है कि हम देश भर के लोगों की सेवा करें।

भारत के संविधान में स्वास्थ्य को लेकर है प्रावधान

indian constitution
भारतीय संविधान

जहां एक ओर भारतीयों को संविधान में शिक्षा के अधिकार के तहत निशुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। तो वहीं कुछ समय पहले वाईएसआऱ कांग्रेस के सांसद वी. विजयसाई रेड्डी ने स्वास्थ्य सुविधा को मौलिक अधिकार बनाने के लिए एक नया अनुच्छेद 21वीं में जोड़ने का प्रस्ताव लाए थे। जिसके तहत आम आदमी तक महंगे इलाज की सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

इतना ही नहीं भारत के पड़ोसी देश भूटान में तो स्वास्थ्य सुविधाएं हर भूटानी के लिए निशुल्क है। कुछ ऐसी ही योजना केंद्र सरकार ने शुरू की थी, आयुष्मान भारत योजना। जोकि गरीबों को महंगा इलाज मुहैया कराने के लिए अमल में लाई गई है। परंतु आम आदमी के सपनों को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए आप पार्टी को पहले मुफ्त बिजली-पानी की सुविधा देने से पहले, दिल्ली की जनता हो या सिक्किम की, सबको भारतवासी मानना होगा। क्योंकि भारत का संविधान हमें समानता और सर्वागीण विकास से जोड़ने में प्रयासरत है।

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Anshika Johari

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