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प्रशांत भूषण न्यूज़ :न्यायालय की अवमानना ​​के लिए प्रशांत भूषण 1 रुपए का जुर्माना ,जमा न करने पर 3 महीने की सजा

कोर्ट की अवमानना ​​के लिए SC ने वकील प्रशांत भूषण पर 1 रुपए का जुर्माना लगाया। जमा न कर पाने पर उसे 3 महीने की सजा काटनी होगी।

शीर्ष अदालत ने सोमवार को शीर्ष अदालत और भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे के खिलाफ अपने ट्वीट्स के लिए ,अदालत की आपराधिक अवमानना ​​के लिए वकील प्रशांत भूषण पर 1 रुपए का जुर्माना लगाया।

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पहला ट्वीट जिसके लिए भूषण को दोषी ठहराया गया था, उसमे भूषण ने पिछले छह वर्षों में एससी के कामकाज की आलोचना की थी ।

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सोमवार को कहा कि उन्होंने अवमानना ​​के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को “शान से” स्वीकार किया और कहा कि उनके ऊपर लगाए गए 1 रुपये का जुर्माना अदा किया गया है। भूषण को 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश बोबडे के खिलाफ अपने ट्वीट पर अदालत की आपराधिक अवमानना ​​का दोषी पाया गया था।

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भूषण ने ट्वीट किया, “मेरे वकील और वरिष्ठ सहयोगी राजीव धवन ने अवमानना ​​के फैसले के तुरंत बाद 1 रे का योगदान दिया, जिसे मैंने कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार कर लिया।”

इससे पहले सोमवार को शीर्ष अदालत ने अवमानना ​​मामले में भूषण पर 1 रुपए का जुर्माना लगाया था।


तीन न्यायाधीशों वाली पीठ ने आदेश में कहा था कि अगर भूषण 15 सितंबर तक राशि जमा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें तीन महीने के लिए कारावास से गुजरना होगा और तीन साल के लिए अभ्यास करने से रोक दिया जाएगा। अदालत ने उन्हें कड़े शब्दों में फैसला सुनाते हुए कहा कि भूषण के ट्वीट विकृत तथ्यों पर आधारित थे और न्यायपालिका की नींव को अस्थिर करने जैसा है। इसमें कहा गया है कि भूषण से ऐसे आचरण की उम्मीद नहीं की गई थी, जिन्हे बार का अच्छा खासा अनुभव है ।


पहला ट्वीट जिसके लिए भूषण को दोषी ठहराया गया था, उसमे भूषण ने पिछले छह वर्षों में एससी के कामकाज की आलोचना की थी ।

भूषण के खिलाफ मामला 9 जुलाई को दर्ज किया गया था और इस मामले में पहली सुनवाई 22 जुलाई को हुई थी।

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